06 Jul, 2026
शासन का आदेश सिर्फ कागजों तक ही सीमित, गांवों में नहीं पहुंचीं सीएम परिवहन सेवा की बसें
जिले में मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत अभी तक एक भी बस का संचालन शुरू नहीं हुआ है। करीब ढाई माह पहले आठ गांवों से निजी बसों के संचालन को झंडी मिली थी।
इसके बाद 15 दिन में वाहन संचालित कराने का आदेश जारी होने के बावजूद अभी तक एक भी बस गांव क्षेत्र में नहीं पहुंची है। शासन के आदेश के बावजूद कागजी कोरम तक विभाग सीमित हैं।
परिवहन निगम के जिम्मेदारों की मानें तो तमाम प्रयासों के बाद भी वाहन संचालक गांव क्षेत्रों में बसें चलाने के लिए राजी नहीं हैं। परिवहन विभाग के अधिकारी योजना के तहत गांवों से वाहन संचालित कराने के प्रयास में हैं।
बता दें कि मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत जिले की सभी 980 ग्राम पंचायतों से बसों का संचालन होना है। आवेदन आने के बाद पिछले माह डीएम ने आठ मार्गों पर बसें संचालित कराने की स्वीकृति दी थी।
डीएम ने महारानीगंज से खीरों, दलीपुर से भोजपुर, सरेनी होने हुए रायबरेली, परसदेपुर से सलोन होते हुए रायबरेली, बनी से छातोह होते हुए रायबरेली, सतांव होते हुए रायबरेली, सलोन से डीह, परशदेपुर होते हुए रायबरेली, पूरे राई से छतोह, परशदेपुर होते हुए रायबरेली, करौली दमा से डलमऊ होते हुए रायबरेली, बेड़ारू से शिवगढ़ होते हुए रायबरेली रूट पर निजी बसों को संचालित कराने की अनुमति थी।
इसके अलावा टैक्स आदि को लेकर भी संशय होने के कारण वाहनों के मालिक अब इनके संचालन से पीछे हट रहे हैं। इस मामले में अब शासन ने सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को वाहन मालिकों से बात करके बसों का संचालन कराने के निर्देश दिए हैं।
क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन का कहना है कि डीएम के स्तर से मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत आठ मार्गों पर निजी बसें संचालित कराने की स्वीकृति मिली थी। अब तक वाहन संचालित नहीं हुए हैं। वाहनों के मालिकों से बात की जा रही है। जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों से वाहनों के संचालन कराए जाएंगे। इसको लेकर निर्देश भी सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को दिया गया है।